बिजोलिया । ग्रामीण विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू मंगलवार को उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत चांदजीखेड़ी और मकरेड़ी के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मियावाकी वाटिका, फल वाटिका, आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
चांदजीखेड़ी में विकसित की जा रही मियावाकी एवं फल वाटिका का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने पौधों की वृद्धि, ड्रिप सिंचाई, फेंसिंग और रखरखाव व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पौधारोपण केवल अभियान तक सीमित नहीं रहे, बल्कि पौधों के संरक्षण और नियमित निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। फल वाटिका को ग्रामीणों के लिए आयवर्धन का मॉडल बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद कलेक्टर मकरेड़ी पंचायत के ग्राम आट पहुंचे, जहां उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति, पोषाहार वितरण, टीकाकरण रिकॉर्ड, वजन और पोषण स्तर की जानकारी ली। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्मिकों को प्रत्येक बच्चे की पोषण स्थिति पर सतत निगरानी रखने तथा अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान राजकीय विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने खेल मैदान के विकास और परिसर में स्थायी नर्सरी स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में खेल और हरियाली दोनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, जिससे बच्चों को बेहतर वातावरण मिल सके।
जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी विकास कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
विकास कार्यों की हकीकत जानने बिजोलिया के गांवों में पहुंचे कलेक्टर, वाटिका से आंगनबाड़ी तक परखी व्यवस्थाएं












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