ओबीसी आयोग को 20 जून तक रिपोर्ट सौंपने के आदेश, सरकार की चुनाव टालने की मांग खारिज
जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से टल रहे पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 31 जुलाई 2026 तक पंचायत एवं निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ओबीसी आयोग को 20 जून तक अपनी रिपोर्ट पेश करने का आदेश भी दिया है। सरकार ने चुनाव कराने के लिए दिसंबर तक का समय मांगा था, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया।
यह फैसला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने शुक्रवार को सुनाया। इससे पहले 11 मई को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
दरअसल, हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि तय समय सीमा में चुनाव नहीं होने पर सरकार ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर चुनाव आगे बढ़ाने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी थी कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। इसके अलावा स्कूलों, स्टाफ, ईवीएम और अन्य संसाधनों की उपलब्धता जैसी परिस्थितियों के कारण समय पर चुनाव कराना संभव नहीं हो सका। सरकार ने यह भी कहा था कि सितंबर से दिसंबर के बीच कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, ऐसे में बाद में चुनाव कराना ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ की अवधारणा के लिहाज से बेहतर रहेगा।
राज्य चुनाव आयोग ने भी सरकार के पक्ष का समर्थन करते हुए हाईकोर्ट में चुनाव टालने की मांग की थी। आयोग का कहना था कि ओबीसी आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने से पहले चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं होगा।
वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज सिंह देवंदा ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर पिछले डेढ़ वर्ष से चुनाव टाल रही है।
हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब राज्य सरकार और चुनाव आयोग पर तय समय सीमा में चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने का दबाव बढ़ गया है।












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