बिजौलिया। भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चंपापुर गांव के एक सुनसान फार्म हाउस से अवैध एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग निर्माण का भंडाफोड़ किया है। वन क्षेत्र से सटे खेतों के बीच संचालित इस गुप्त ठिकाने पर पुलिस ने दबिश देकर भारी मात्रा में नशीला पदार्थ, केमिकल और ड्रग निर्माण में उपयोग आने वाली सामग्री बरामद की।
पुलिस को सूचना मिली थी कि चंपापुर क्षेत्र में स्थित एक फार्म हाउस में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सूचना के सत्यापन के बाद बिजौलिया थाना और कास्या चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां ड्रग निर्माण से जुड़ा पूरा सेटअप मिला।

तलाशी के दौरान पुलिस ने 36 किलोग्राम एमडीएमए, 155 लीटर एमएम केमिकल, 30 लीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड और 8.50 किलोग्राम कास्टिक सोडा बरामद किया। जांच में सामने आया कि इन रसायनों की मदद से एमडी ड्रग तैयार की जा रही थी और उत्पादन प्रक्रिया अंतिम चरण में थी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें वीरेन्द्र पुत्र हजारीलाल बांछड़ा निवासी यशोधरमन नगर, मंदसौर (मध्यप्रदेश), बहादुर सिंह पुत्र गोरू बंजारा निवासी मनासा, नीमच (मध्यप्रदेश) तथा बबलू पुत्र श्यामलाल बंजारा निवासी भोपतपुरा, बिजौलिया शामिल हैं।

प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी ड्रग निर्माण की तकनीक से अच्छी तरह परिचित थे। पुलिस को आशंका है कि यह कारोबार किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। अब जांच इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि ड्रग निर्माण के लिए कच्चा माल कहां से लाया जा रहा था और तैयार माल की सप्लाई किन क्षेत्रों में की जानी थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार चंपापुर का यह इलाका सुनसान होने के कारण आरोपियों ने इसे अपने अवैध कारोबार के लिए चुना था। हालांकि मुखबिर की सटीक सूचना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया।
मामले की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में नशे के इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।











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