ऑक्शन खदानों को जल्द शुरू कराने पर सरकार का फोकस, 100 नए माइनर प्लॉट होंगे तैयार

Share

जयपुर। राजस्थान सरकार अब खनन क्षेत्र में तेजी लाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी में जुट गई है। राज्य में ऑक्शन के जरिए आवंटित खदानों को जल्द परिचालन में लाने पर सरकार ने खास जोर दिया है। इसी कड़ी में खान एवं भूविज्ञान विभाग को इस वित्तीय वर्ष में 20 मेजर मिनरल ब्लॉक और करीब 100 माइनर मिनरल प्लॉट प्री-एम्बेडेड मॉडल पर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

सचिवालय के मंथन कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने अधिकारियों से कहा कि खनन परियोजनाओं में देरी कम करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑक्शन के बाद खदान चालू होने तक लगने वाले करीब 18 माह के समय को घटाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रियाओं को तेज किया जाएगा। साथ ही एलओआई जारी करने की 45 दिन की समय सीमा में भी तेजी लाने पर जोर दिया गया।

बैठक में कहा गया कि केवल विभाग ही नहीं, बल्कि प्रिफर बीडर्स को भी आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं समय पर पूरी करनी होंगी ताकि खदानों का संचालन जल्द शुरू हो सके। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और राजस्व संग्रहण में भी बढ़ोतरी होगी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्थान पहले ही मेजर मिनरल ब्लॉकों के ऑक्शन में देशभर में अग्रणी राज्य बना हुआ है। वहीं प्री-एम्बेडेड मॉडल के तहत 8 ब्लॉकों के ऑक्शन में भी प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। इन खदानों में जल्द खनन कार्य शुरू होने की संभावना जताई गई है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य हाईवे और नेशनल हाईवे के जरिए अन्य राज्यों से बजरी व अन्य खनिजों की अवैध एंट्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए। इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाने तथा चेकिंग व्यवस्था को सख्त करने को कहा गया।

बैठक में तुलाई कांटों और वीटीएस ऑटोमाइजेशन शिविरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्टेक होल्डर्स से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभाग को तय लक्ष्य के अनुसार राजस्व संग्रहण बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

विशिष्ठ सचिव माइंस नम्रता वृष्णि ने बताया कि प्रदेशभर में अधीक्षण खनि अभियंताओं के स्तर पर शिविर आयोजित कर वीटीएस इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि अप्रैल माह में 9 मेजर मिनरल ब्लॉकों का ऑक्शन किया जा चुका है, जबकि मई माह के लिए नई एनआईबी भी जारी कर दी गई है।

निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने कहा कि विभाग ने वार्षिक कैलेंडर जारी कर तय समयबद्ध क्रियान्वयन पर फोकस बढ़ाया है, जिससे सभी प्रक्रियाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अधीक्षण खनि अभियंता, भूवैज्ञानिक और आईटी शाखा के अधिकारी भी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!