रहड़ पंचायत का बड़ा फैसला, बेटियों को मिली 7 बीघा जमीन की सौगात

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प्रशासक सलीम खां का नवाचार बना जिले में मिसाल
बालिका स्कूल के लिए 1.75 हेक्टेयर भूमि दान, बनेगा नया भवन-खेल मैदान
ग्रामीण बोले- ऐसा काम पहली बार, वर्षों तक रहेगा याद

शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
शाहपुरा तहसील के रहड़ ग्राम पंचायत में एक ऐसा निर्णय लिया गया है, जिसने बालिका शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगा दी है। पंचायत प्रशासक सलीम खां कायमखानी ने नवाचार करते हुए ग्राम पंचायत की ओर से राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए 7 बीघा (1.75 हेक्टेयर) भूमि दान कर दी। यह जमीन स्कूल भवन निर्माण और खेल मैदान के लिए दी गई है। क्षेत्र में इस तरह का यह पहला मामला माना जा रहा है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।
लंबे समय से भूमि अभाव और जर्जर भवन में पढ़ाई कर रही छात्राओं के लिए यह निर्णय राहत लेकर आया है। अब नए भवन और खेल मैदान के निर्माण से छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। पंचायत ने यह प्रक्रिया विधिवत तरीके से पूरी की। पहले पंचायत बोर्ड में प्रस्ताव लिया गया, फिर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर जमीन स्कूल के नाम कर दी गई। इस पहल को लेकर गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के फैसले गांव की दिशा बदल सकते हैं। खासकर बेटियों की शिक्षा को लेकर यह कदम भविष्य में बड़ा बदलाव लाएगा।


इस उपलब्धि पर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं ने दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से की। इसके बाद प्रशासक सलीम खां कायमखानी और ग्राम विकास अधिकारी दीपक धाकड़ ने स्कूल प्रशासन को भूमि की रजिस्ट्री सौंप दी।
समारोह में सलीम खां ने कहा कि शिक्षा और संस्कृति जीवन के दो अहम आधार हैं और बेटियों को इससे वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि पंचायत का उद्देश्य है कि हर बालिका को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिलें, ताकि वह आत्मनिर्भर बन सके।
विद्यालय की प्राचार्य ममता राजावत ने पंचायत का आभार जताते हुए कहा कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। उन्होंने कहा कि एक बालिका को शिक्षित करने से पूरा परिवार और समाज शिक्षित होता है, इसलिए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण है।
सेवानिवृत्त सीडीईओ योगेश पारीक ने कहा कि शिक्षित बालिका ही मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव होती है। उन्होंने पंचायत के इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए कहा कि अन्य पंचायतों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। समारोह में सेवानिवृत्त एडीईओ नवनीत जोशी, पीईईओ हेमराज खटीक, ग्राम विकास अधिकारी दीपक धाकड़, पटवारी गोविंद सिंह, ईश्वर गुर्जर, रामस्वरूप रेगर, रामदेव बैरवा, गोविंद गुर्जर सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
रहड़ पंचायत का यह कदम अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर मान रहे हैं। साफ है कि सलीम खां कायमखानी का यह नवाचार न केवल बेटियों के सपनों को पंख देगा, बल्कि गांव के विकास की नई इबारत भी लिखेगा।

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