सत्ता के साए में गुंडागर्दी! पत्रकार पर हमला, लूट और खुली धमकी

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नामजद आरोपियों के सत्ताधारियों से संबंध, सोशल मीडिया पर एस्कॉर्टिंग के वीडियो चर्चा में

बिजोलिया।

कस्बे में बुधवार रात लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर एक और बड़ा हमला सामने आया है। वरिष्ठ पत्रकार श्याम विजय पर अज्ञात बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी-सरियों से बेरहमी से वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया और नकदी व सोने की चेन लूटकर फरार हो गए। जाते-जाते बदमाशों ने खुलेआम जान से मारने की धमकी दी, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है।

 घर तक पीछा कर घात लगाकर हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 1 अप्रैल रात करीब 9:10 बजे की है। श्याम विजय पंचायत चौक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर की सफेद कार में सवार 3-4 बदमाश उनका पीछा करते हुए घर तक पहुंचे और बाहर घात लगाकर हमला कर दिया।

हमलावरों ने लाठी और सरियों से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए। घटनास्थल से एक लाठी बरामद हुई है।

 लूटपाट के बाद दबंगों की खुली धमकी

हमले के बाद बदमाशों ने उनकी जेब से करीब 11 हजार रुपए नकद और गले से लगभग 30 ग्राम सोने की चेन लूट ली। जाते समय हमलावरों ने खुद को क्षेत्र का “किंग” बताते हुए कहा “मौका मिलते ही खत्म कर देंगे”।

इतना ही नहीं, उन्होंने पुलिस और जनप्रतिनिधियों के संरक्षण का भी खुला दावा किया।

 नामजद आरोपी, सत्ता से संबंधों की चर्चा तेज

पीड़ित की रिपोर्ट में दो आरोपियों की पहचान लक्ष्मी नारायण अहीर उर्फ कालू और योगेश अहीर के रूप में की गई है, जो आपस में सगे भाई बताए जा रहे हैं। इनके साथ दो अन्य अज्ञात युवक भी शामिल थे।

सूत्रों के अनुसार आरोपियों के सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों से सीधे संबंध बताए जा रहे हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टोल नाकों के आसपास बजरी से भरे वाहनों को एस्कॉर्ट करते हुए कई वीडियो भी मौजूद बताए जा रहे हैं।

 अवैध बजरी नेटवर्क से कनेक्शन, नेता के इशारे की आशंका

जानकारी में सामने आया है कि आरोपी बिजोलिया के आरोली और बूंदी क्षेत्र स्थित धनेश्वर टोल के आसपास बिना नंबर के चौपहिया वाहनों से अवैध बजरी से भरे ट्रकों को एस्कॉर्ट करते हैं, ताकि वे पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से बच सकें।

ऐसे में यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि हमला किसी प्रभावशाली नेता के इशारे पर करवाया गया हो सकता है।

 नगर पालिका कर्मचारी पर भी गंभीर आरोप

आरोपियों में से एक नगर पालिका में संविदा कार्मिक बताया जा रहा है, जो वर्षों से पहले पंचायत और अब नगर पालिका में कार्यरत है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कार्मिक लंबे समय से लोगों को परेशान करता रहा है। अतिक्रमण हटाओ और पॉलीथिन मुक्त अभियान के दौरान भी इसके खिलाफ बदसलूकी की कई शिकायतें सामने आईं, लेकिन प्रभावशाली पकड़ के चलते कार्रवाई नहीं हुई।

बताया जा रहा है कि यह कार्मिक आमजन के भूखंडों और निर्माण कार्यों की जानकारी रखता है और शिकायत करने वालों को उल्टा धमकाने का काम करता है। नगर पालिका के अन्य कर्मचारियों पर भी इसी तरह के आरोप लग रहे हैं।

 डर का माहौल: वार्ड सभाएं तक हुईं फेल

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में बढ़ते भय और अविश्वास का ही नतीजा है कि मुख्यमंत्री विकसित शहर अभियान के तहत आयोजित तीन वार्ड सभाएं कम जनभागीदारी के कारण विफल हो गईं। लोग अब खुलकर सामने आने से भी डरने लगे हैं।

 कानून व्यवस्था पर सवाल, जनता में आक्रोश

बीते समय में क्षेत्र में लूट, चोरी और मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। लोगों का कहना है कि अपराधियों में पुलिस का भय समाप्त होता जा रहा है और कई मामलों में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

 पुलिस जांच जारी, गिरफ्तारी का इंतजार

बिजोलिया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रभावशाली पकड़ के चलते अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

घायल पत्रकार को गंभीर चोटों के चलते भीलवाड़ा रेफर किया गया है।

 जनता और पत्रकारों की मांग

घटना के विरोध में पत्रकारों और नागरिकों में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, सख्त कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और पीड़ित को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

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