लग्जरी कार, नकली पहचान और त्योहारों की आड़… लेकिन बिजौलिया पुलिस ने तोड़ दी तस्करी की ‘क्राइम स्क्रिप्ट

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एनएच-27 से लेकर गांवों तक 5 रेड, 2 गिरफ्तार, कई फरार

भीलवाड़ा | कपिल श्याम विजय

फिल्मों में अक्सर देखा होगा शातिर तस्कर, महंगी गाड़ियां, फर्जी पहचान और पुलिस को चकमा देने की चालें। लेकिन बिजौलिया में इस बार रील नहीं, रियल लाइफ में ऐसा ही सीन बना… और अंत में बाजी पुलिस ने मार ली।

महज 24 घंटे के भीतर बिजौलिया पुलिस ने ऐसा एक्शन लिया, जिसने तस्करी के बड़े नेटवर्क को जड़ से हिला दिया। जिले की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में शामिल इस ऑपरेशन में पुलिस ने 227.320 किलो अफीम डोडा चूरा बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 34 लाख रुपए आंकी गई है। साथ ही 5 लग्जरी कारें भी जब्त की गईं, जिनका इस्तेमाल तस्करी में किया जा रहा था।

नाम बड़े, काम काला’ — लोगो बन गए ढाल

तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। उनकी गाड़ियों पर “पुलिस”, “डिफेंस”, “एडवोकेट” और “डॉक्टर” जैसे नाम लिखे हुए थे, ताकि कोई शक ही न करे। त्योहारों की भीड़-भाड़ में ये गाड़ियां बिना रोक-टोक घूमती रहीं, लेकिन ज्यादा देर तक यह खेल नहीं चल पाया।

एक सूचना और पूरी कहानी बदल गई

एएसआई नरेश सुखवाल की सटीक खुफिया सूचना इस पूरे ऑपरेशन की असली कुंजी साबित हुई। सूचना मिलते ही पुलिस ने रणनीति बनाई और ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी, जिसने तस्करों को संभलने तक का मौका नहीं दिया।

24 घंटे, 5 जगह, एक के बाद एक वार

थानाधिकारी स्वागत पांड्या के नेतृत्व में 21-22 मार्च को एनएच-27, केसरगंज, चम्पापुर, छोटी बिजौलिया और सलावटिया में लगातार दबिश दी गई। हर कार्रवाई में तस्करों का जाल खुलता गया .

केसरगंज कट से पोलो कार में 45.640 किलो डोडा चूरा, मोहनलाल जाट गिरफ्तार चम्पापुर से फ्रॉक्स कार में 43.740 किलो, जीतराम बैरवा गिरफ्तार छोटी बिजौलिया में आई-20 कार से 46.440 किलो, चालक फरार सलावटिया में वेन्यू कार से 46.050 किलो बरामद सलावटिया में ही इग्निस कार से 45.450 किलो जब्त

त्योहारों की आड़ भी नहीं आई काम

तस्कर ईद और गणगौर जैसे बड़े त्योहारों के दौरान बढ़ती आवाजाही का फायदा उठाकर नेटवर्क चला रहे थे, लेकिन पुलिस की चौकसी के आगे उनकी हर चाल बेअसर साबित हुई।

टीमवर्क बना सबसे बड़ा हथियार

इस ऑपरेशन को सफल बनाने में पुलिस टीम के कई जवानों ने अहम भूमिका निभाई। सुनील बेनिवाल, लक्ष्मण सिंह, गोपाललाल, रामसिंह, हेमाराम, नरेन्द्र, जितेन्द्र, राजवीर, विश्राम, मनोज, रणजीत और रवि सिंह सहित पूरी टीम ने मिलकर तस्करी के नेटवर्क को तोड़ दिया।

अब बारी बाकी कड़ियों की

जांच में सामने आया है कि तस्कर लगातार रूट और वाहन बदलकर पुलिस को गुमराह कर रहे थे। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके में तस्करों में दहशत का माहौल है।

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