विशेष बातचीत: “भाजपा ने राजनीतिक कारणों से खत्म किए जिले, कांग्रेस सत्ता में आई तो फिर करेगी बहाली : पूर्व मंत्री रामलाल जाट

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प्रधान संपादक कपिल विजयवर्गीय से लंबी बातचीत में पूर्व राज्यमंत्री ने खोला मोर्चा; अवैध खनन, महंगाई, संगठन की कमजोरी और भीलवाड़ा की सियासत पर रखी बेबाक राय

भीलवाड़ा।
राजस्थान की सियासत, भीलवाड़ा जिले की अंदरूनी हलचल, कांग्रेस संगठन की स्थिति और वर्तमान सरकार की नीतियों को लेकर कांग्रेस के पूर्व राज्यमंत्री एवं भीलवाड़ा देहात जिला अध्यक्ष रामलाल जाट ने राजस्थान फोकस और भीलवाड़ा फोकस के प्रधान संपादक कपिल विजयवर्गीय से विशेष बातचीत में खुलकर अपने विचार रखे। बातचीत के दौरान जाट ने जहां भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए, वहीं कांग्रेस संगठन की कमजोरियों को स्वीकार करते हुए उसे फिर से मजबूत करने का रोडमैप भी सामने रखा।

जिलों के पुनर्गठन पर बड़ा बयान

रामलाल जाट ने जिलों के पुनर्गठन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने अशोक गहलोत के नेतृत्व में प्रशासनिक विकेंद्रीकरण के उद्देश्य से नए जिलों का गठन किया था।
उन्होंने कहा कि जब 1956 में राजस्थान में 26 जिले थे, तब प्रदेश की आबादी करीब 3 करोड़ थी, जबकि आज यह बढ़कर लगभग 8 करोड़ हो चुकी है। ऐसे में प्रशासनिक इकाइयों का विस्तार समय की मांग है।

उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि जिलों को समाप्त करने का निर्णय पूरी तरह राजनीतिक था।
जाट ने कहा, “प्रशासनिक फैसले राजनीति से प्रेरित नहीं होने चाहिए। अगर कहीं कोई त्रुटि थी तो उसे ग्राम सभाओं के माध्यम से सुधारा जा सकता था, लेकिन पूरे जिले खत्म करना जनहित के खिलाफ है।

जाट ने साफ किया कि कांग्रेस सत्ता में आने पर ग्राम सभाओं की राय लेकर, जहां जो पंचायत जाना चाहेगी वहां उसे समायोजित करते हुए जिलों को पुनः बहाल करेगी।

भीलवाड़ा की सियासत और उठापटक पर प्रतिक्रिया

जिले में हाल ही में जहाजपुर और मांडलगढ़ क्षेत्र से जुड़े विवादों, अवैध खनन के आरोपों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर जाट ने कहा कि यह जांच का विषय है और जांच पूरी होने से पहले कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से बयान देखे हैं, लेकिन अंतिम सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में बजरी माफिया का नेटवर्क मजबूत है और बिना राजनीतिक संरक्षण के इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव नहीं है।

“अवैध खनन रोकना है तो नीति बदलनी होगी”

रामलाल जाट ने अवैध बजरी खनन को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक वैध खनन को आसान और व्यापक नहीं बनाया जाएगा, तब तक अवैध खनन पर रोक संभव नहीं है।

उन्होंने सुझाव दिया कि “एम-सैंड” (निर्मित रेत) को बड़े स्तर पर लागू किया जाए और सरकारी व निजी निर्माण कार्यों में इसे अनिवार्य किया जाए।
जाट ने कहा कि इससे नदियों का संरक्षण होगा, भूजल स्तर बेहतर रहेगा और किसानों को भी फायदा मिलेगा। साथ ही सरकार को राजस्व भी मिलेगा, जो अभी अवैध रूप से निजी हाथों में जा रहा है।

सरकार पर भ्रष्टाचार और विफलताओं का आरोप

जाट ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान शासन भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है और आम जनता की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों को बार-बार टालना, विकास कार्यों की कमी और प्रशासनिक निष्क्रियता सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार का काम “राम नाम जपना, पराया माल अपना” बनकर रह गया है।

महंगाई, गैस और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी साधा निशाना

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए जाट ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि देश में तेल और गैस के पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था नहीं की गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संकट की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक हालातों और युद्ध जैसी परिस्थितियों के प्रभाव से देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर दबाव बढ़ रहा है, लेकिन सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने में विफल रही है।

कांग्रेस संगठन पर आत्ममंथन

बातचीत के दौरान जाट ने यह स्वीकार किया कि कांग्रेस का संगठन कुछ क्षेत्रों में कमजोर हुआ है, विशेष रूप से मांडलगढ़ और बिजोलिया क्षेत्र में ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारियों की कमी रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक समय मूवमेंट आधारित पार्टी रही है, लेकिन अब संगठन को मजबूत करना जरूरी है।
इसके लिए पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने की योजना बनाई है और जल्द ही ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी।

जाट ने कहा कि वे स्वयं गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं से संपर्क करेंगे और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करेंगे।

टिकट वितरण पर स्पष्ट रुख

मांडलगढ़ क्षेत्र में संभावित उम्मीदवारों और बागी नेताओं के सवाल पर जाट ने कहा कि कांग्रेस में विचारधारा सबसे ऊपर है और व्यक्तिगत मतभेद समय के साथ खत्म हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि टिकट का फैसला पार्टी नेतृत्व करता है और इसमें सर्वे, कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनाधार को आधार बनाया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक व्यक्ति के लिए कुछ तय नहीं है, जो बेहतर काम करेगा उसे मौका मिलेगा।

विवेक धाकड़ के निधन पर बयान

पूर्व विधायक विवेक धाकड़ के निधन के बाद उठ रहे आरोपों पर जाट ने बेहद संयमित प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील और पारिवारिक विषय है, जिस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं है।

उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भगवान उनके परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें।

जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का दावा

बातचीत के अंत में जाट ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए भी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है।
उन्होंने बताया कि पार्टी महंगाई, बेरोजगारी, खनन नीति और स्थानीय समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन कर रही है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा।

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